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| Image source- pixabay |
शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है, कि स्वास्थ्य, साफ सफाई और सामाजिक दूरी का पालन अनिवार्य होगा। शिक्षा मंत्रालय ने सभी स्कूलों को 15 अक्टूबर से खोलने के निर्देश दिये है। उत्तराखंड शिक्षा सचिव मीनाक्षी सुंदरम ने प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन की ओर से स्कूल खोले जाने को लेकर रखी गई शर्तों को सुना। उन्होंने कहा है कि इस पर फैसला केबिनेट करेगा। हालांकि अभी जिलाधिकारियों का फीडबैक आना बाकी है। उसके बाद ही इस पर केबिनेट फैसला करेगा की प्रदेश में स्कूल खुलेंगे या नही। |
इन शर्तों के आधार पर स्कूलों को खोला जायेगा :-
1- सभी छात्र- छात्रों एवं स्टाफ मास्क लगाकर ही स्कूल आयंगे और पूरे समय तक इसको लगाये रखेंगे।
2- स्कूलों में NCRT द्वारा वैकल्पिक कैलेंडर तैयार किया जायेगा एवं उसको लागू किया जा सकता है।
3- स्कूल खुलने के तीन सप्ताह तक असेसमेंट टेस्ट नही लेना होगा।
4- स्कूलों में मिड-डे मील तैयार करते एवं उसको परोसे जाते समय सावधानी बरतनी होगी।
5- स्कूल परिषद में किचन, केंटीन, वॉशरूम,लाइब्रेरी, लैब आदि स्थानों पर साफ-सफाई और कीटाणुरहित करते रहने की व्यवस्था होनी चाहिए।
6-अटेंडेंस जरूरी नही होनी चाहिए।
7- कक्षाओं में बैठने के दौरान सामाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा। स्कूल आने और जाने की समय सारिणी तैयार करनी होगी।
8- कार्यक्रम एवं आयोजन आदि से बचना होगा।
निजी स्कूलों ने रखी ये शर्तें :-
1- निजी स्कूलों के शिक्षकों को कोरोना वॉरियर्स घोषित किया जाए
2- स्कूल खुलने के एक सप्ताह बाद ऑनलाइन पढ़ाई बंद कर दी जाएगी।
3- स्कूल खोलने पर जो फीस नहीं देंगे एक अक्तूबर से उन्हें लेट फीस देनी होगी।
4- यदि कोई बच्चा कोरोना ग्रसित होता है, तो शिक्षक प्रिंसिपल या प्रबंधन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।
अभिभावकों की अनुमति होगी अनिवार्य:-
शिक्षा मंत्रालय ने 15 अक्टूबर से स्कूल खोलने के निर्देशों के साथ यह भी कहा है कि स्कूल में आने से पहले बच्चों को अपने अभिवकों की अनुमति लेना बेहद जरूरी होगा। अगर स्कूल पहुचने पर छात्रों के पास अभिवकों की लिखित अनुमति नही होगी तो छात्रों को स्कूल में प्रवेश नही दिया जायेगा।

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