CBI के पूर्व डायरेक्टर अश्विनी कुमार ने आत्महत्या कर ली है। उन्होंने शिमला में स्थित अपने घर पर ही फाँसी के फंदे पर लटक कर खुदकुशी की है। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इसमें लिखा गया है कि जिंदगी से तंग आकर अगली यात्रा पर निकल रहा हूं। आपको बता दें कि अश्विनी कुमार नागालैंड (मणिपुर) के राज्यपाल भी रहे थे। और वह हिमाचल के पूर्व डीजीपी भी रह चुकें थे। जानकारी के अनुसार अश्विनी कुमार बहुत दिनों से बीमार एवं डिप्रेशन के शिकार थे जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया है। सीबीआई में बतौर डायरेक्टर उन्होंने बहुत से केस को अंजाम दिया है। अश्विनी कुमार सीबीआई के पहले ऐसे निदेशक रहे थे,जिन्हें बाद में राज्यपाल बनाया गया था। आपको यह भी बता दें कि अश्विनी कुमार हिमाचल के एक निजी विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर भी रहे थे।
ऐसे रहा उनका सफर:-
1- 2006-2008 तक वह हिमाचल के डीजीपी रहे थे।
2- अगस्त 2008 से नवंबर 2010 के बीच वह सीबीआई के निदेशक रहे थे।
3- 2013 में उन्हें नागालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
4- 2014 में उन्होंने त्यागपत्र दे दिया था। जिसके बाद वह हिमाचल के एक निजी विश्वविद्यालय में वाइस चांसलर भी रहे थे।

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