हरिद्वार जिले के ग्राम सलेमपुर महदूद (बहादराबाद क्षेत्र) में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती के अवसर पर एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जो सामाजिक सद्भाव और एकता की मिसाल बन गया। यहां नेशनल हेल्पिंग हैंड संगठन और स्थानीय मुस्लिम समाज के लोगों ने रविदास मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री राकेश जी, ग्राम प्रधान श्री पप्पू सिंह पाटिल तथा उनके समर्थकों का हार्दिक स्वागत किया।यह स्वागत मात्र औपचारिक नहीं था, बल्कि आपसी प्रेम, सम्मान और भाईचारे का प्रतीक था। मुस्लिम समाज के कई युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मंदिर पहुंचकर गुरु रविदास जी के भक्तों का स्वागत किया, जो आज के विभाजनकारी माहौल में अत्यंत प्रेरणादायक है।
स्वागत करने वाले प्रमुख व्यक्तियों में शामिल थे:
1- इरफान
2 -अकरम
3 - शकील
4 - शादाब मलिक
5 - नसीम
6 - तनवीर
7 - रिहान
8 - इकरार ठेकेदार
- मोनू
इस मौके पर सभी ने गुरु रविदास जी के उन संदेशों को याद किया, जिनमें समानता, भक्ति, मानव सेवा और जाति-धर्म से ऊपर उठकर एक-दूसरे का सम्मान करने की शिक्षा दी गई है। गुरु जी का प्रसिद्ध दोहा "मन चंगा तो कठौटी में गंगा" आज भी हर दिल को छूता है और इसी भावना से मुस्लिम भाइयों द्वारा हिंदू मंदिर समिति का स्वागत किया जाना सामाजिक एकता की नई इबारत लिख रहा है।ग्राम प्रधान पप्पू सिंह पाटिल ने कहा, "यह सिर्फ एक स्वागत नहीं, बल्कि दिलों का मिलन है। गुरु रविदास जी का संदेश सबके लिए एक समान है – प्रेम और सेवा। आज मुस्लिम समाज के भाइयों ने इसे साकार कर दिखाया। "मंदिर समिति अध्यक्ष राकेश जी ने भी इस भाईचारे की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास ही समाज को मजबूत बनाते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनते हैं। यह घटना ग्राम सलेमपुर महदूद के लिए गौरव का विषय बनी है और पूरे हरिद्वार जिले में चर्चा का विषय बन गई है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते हैं और साबित करते हैं कि धर्म और संस्कृति के नाम पर अलगाव नहीं, बल्कि एकता ही हमारी ताकत है।



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