14 सितंबर को एक दलित लड़की के साथ चार युवकों ने दरिंदगी की हदें पार की थी। जिसके बाद 29 सितंबर को उस पीड़िता युवती ने सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था। उसके बाद चारों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था एवं गैंगरेप की धारा सहित मुकदमा दर्ज कर लिया था। मृत्यु के बाद परिजनों ने शव को लेकर हाथरस आ गये थे।जिसके बाद 29-30 सितंबर के बीच लड़की का अंतिम संस्कार कर दिया गया था।
परिजनों का पुलिस पर आरोप है कि पुलिस ने लड़की के शव को जबरन पेट्रोल डालकर जलाया गया था। इसी के खिलाफ विरोध बढ़ता देख एसआईटी की जाँच गठित की गई ,एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश सरकार ने कई अधिकारियों को तत्काल प्रभाव पर से निलंबित कर दिया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी CBI के लिए सिफारिश:-
गैंगरेप मामले को बढ़ता देख उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सीबीआई की जाँच की सिफारिश की थी। जिसके बाद अब इस मामले की जाँच सीबीआई ने अपने हाथों में ले ली है।
Central Bureau of Investigation (CBI) takes over the investigation of the #Hathras alleged gangrape case pic.twitter.com/olYgweboAu
— ANI UP (@ANINewsUP) October 10, 2020

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