न्यूजीलैंड: 2 मस्जिदों में गोलीबारी में 9 भारतीय लापता, कोर्ट में हसा 49 लोगों का हत्यारा






न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च शहर में बंदूकधारियों ने शुक्रवार को अंधाधुंध गोलीबारी कर कम से कम 49 लोगों की हत्या कर दी. हमले का आरोपी एक व्हाइट यानी श्वेत व्यक्ति है. प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने इसे आतंकवादी हमला करार दिया है. ‘द न्यूजीलैंड हेराल्ड’ की रिपोर्ट के मुताबिक क्राइस्टचर्च के पुलिस आयुक्त माइक बुश ने गोलीबारी को ‘घृणास्पद’ हमला (हेड क्राइम) बताते हुए कहा कि हैगले पार्क के पास स्थित अल नूर मस्जिद में सात और लिनवुड एवेन्यू मस्जिद में 41 लोगों की मौत हुई है और 48 लोग घायल हुए हैं. एक ज़ख़्मी व्यक्ति ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. वहीं हमले के बाद से नौ भारतीय लापता हैं.

पश्चिमी जगत की मीडिया में छाई ख़बरों के मुताबिक सबसे हैतरअंगेज़ बात ये है कि 49 लोगों को बेवजह मौत के घाट उतराने वाले हत्या के इस आरोपी की जब कोर्ट में पेशी हुई तो उसने सबको दंग कर दिया. दरअसल, अपने इस कृत्य के लिए किसी तरह का पछतावा जताने के बजाए ये व्यक्ति कोर्ट में मुस्कुरा रहा था. ऑस्ट्रेलियाई मूल के इस व्यक्ति पर हत्या का मामला चलेगा.
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नौ भारतीय लापता, पीएम आर्डर्न ने करार दिया आतंकी हमला


दो मस्जिदों में हुई इस गोलीबारी के बाद भारतीय नागरिकता वाले या भारतीय मूल के कम से कम नौ लोग लापता हैं. गोलीबारी की इन घटनाओं में 49 लोग मारे गए हैं. भारतीय उच्चायुक्त संजीव कोहली ने ट्वीट किया, ‘कई सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय नागरिकता/भारतीय मूल के नौ लोग लापता हैं. आधिकारिक पुष्टि का अभी भी इंतजार किया जा रहा है. मानवता के खिलाफ भारी अपराध. उनके परिवारों के लिए हमारी प्रार्थना.’ आपको बता दें कि मीडिया में छपी ख़बरों के मुताबिक पीड़ितों में हैदराबाद के दो लोग शामिल हैं. इनमें एक घायल बताए जा रहे हैं वहीं दूसरे के बारे में कहा जा रहा है कि वो लापता हैं.

उन्होंने कहा, ‘क्राइस्टचर्च के उस समुदाय के सदस्यों के प्रति मेरी गहरी कृतज्ञता, जो आज के भयावह हमले के पीड़ितों के बारे में हमारे लिए जानकारी जुटाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. इस समर्पण और एकजुटता से बेहतर कोई दूसरा उदाहरण नहीं हो सकता.’ कथित तौर पर श्वेत बंदूकधारियों ने क्राइस्टचर्च में स्थित दो मस्जिदों -अल नूर मस्जिद और लिनवूड एवेन्यू मस्जिद- में नमाज के दौरान अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसे न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जसिंदा अर्डर्न ने आतंकी हमला करार दिया है.

न्यूजीलैंड स्थित भारतीय उच्चायोग ने कहा है कि क्राइस्टचर्च मस्जिद नरसंहार में फंसा कोई भी भारतीय उनसे संपर्क कर सकता है. मिशन ने ट्वीट किया, ‘क्राइस्टचर्च में गोलीबारी की खबर सुनकर हम हैरान हैं. कोई भी भारतीय जरूरत के लिए 021803899 या 021850033 पर संपर्क कर सकता है.’ ट्वीट में कहा गया है, ‘सभी प्रभावितों के लिए हम प्रार्थना करते हैं.’ बंदूकधारियों ने क्राइस्टचर्च में दो मस्जिदों में गोलीबारी कर 49 लोगों की हत्या कर दी है. सरकार ने इसे आतंकवादी कृत्य बताया है.
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‘न्यूज़ीलैंड का बंदूक कानून बदला जाएगा.’


द गार्डियन के मुताबिक न्यायाधीश ने कहा, ‘फिलहाल हत्या का एक मामला दर्ज किया गया है, यह माना जाए कि अन्य मामले भी होंगे.’ टरांट को हिरासत में रखा गया है और उसे पांच अप्रैल को अदालत में पेश किया जाएगा. इसी बीच, न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने शनिवार सुबह जनता से फिर कहा कि आतंकवादी हमलों को देखते हुए न्यूजीलैंड का बंदूक कानून बदला जाएगा. एर्डर्न ने कहा, ‘न्यूज़ीलैंड का बंदूक कानून बदला जाएगा.’ सरकार द्वारा सुरक्षा बढ़ाने के कारण पूरे देश में सप्ताहांत में बड़े कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है.

‘यह वह न्यूजीलैंड नहीं है जिसे लोग जानते हैं.’








प्रधानमंत्री अर्डर्न ने मुस्लिम समुदाय के साथ एकजुटता दर्शाते हुए कहा कि ‘यह वह न्यूजीलैंड नहीं है जिसे लोग जानते हैं.’ उन्होंने क्राइस्टचर्च कैंटरबरी रिफ्यूजी सेंटर में अपने 40 मिनट के संबोधन के दौरान यह टिप्पणी की जहां उन्होंने शुक्रवार के खूनी नरसंहार से सबसे ज्यादा प्रभावित देश के इस्लामिक समुदाय को एकता का संदेश दिया. शुक्रवार को बंदूकधारियों ने दो मस्जिदों में अंधाधुंध गोलीबारी की.

काले रंग की सलवार-कमीज पहने और सिर पर दुपट्टा ढके जेसिंडा ने मौजूद मीडिया और मुस्लिम नेताओं से कहा, ‘आपने तत्काल इस बात का उल्लेख किया कि यह वह न्यूजीलैंड नहीं है जिसे आप जानते हैं. मैं इस बात को आज फिर से दोहराना चाहती हूं. यह न्यूजीलैंड नहीं है.’

उन्होंने कहा, ‘मस्जिद से शवों को निकालने का काम अब भी जारी है. आपातकालीन सेवाएं अभी भी डीन्स एवेन्यू मस्जिद से शवों को निकाल रही हैं जहां शुक्रवार को 41 लोग मारे गए थे.’ प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि शनिवार तक सभी शव वहां से निकाल लिए जाएंगे.

जेसिंडा ने ऐलान किया कि अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि पूरे न्यूजीलैंड की मस्जिदों में पुलिस सुरक्षा जब तक जारी रहेगी जब तक कि यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि खतरा टल गया है.

क्राइस्ट चर्च में हुए हमले के आरोपी आस्ट्रेलियाई शख्स के खिलाफ और आरोप भी लगाए जाएंगे. टेलीविजन न्यूजीलैंड (टीवीएनजेड)के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने उप प्रधानमंत्री विंस्टन पीटर्स और विपक्षी नेशनल पार्टी के नेता साइमन ब्रिजेस के साथ सेंटर का दौरा किया.



‘न्यूजीलैंड के इतिहास का सबसे काला दिन’


बुश ने कहा कि लगभग 20 साल की उम्र के एक शख्स पर हत्या का आरोप तय किया गया है. पुलिस ने लिनवुड एवेन्यू और अल नूर मस्जिद स्थित गोलीबारी स्थल से ढेर सारे हथियार बरामद किए हैं. क्राइस्टचर्च अस्पताल ने इससे पहले बताया था कि गोलीबारी में 48 लोग घायल हुए हैं. प्रधानमंत्री ने इस हत्याकांड को ‘न्यूजीलैंड के इतिहास का सबसे काला दिन’ और ‘अभूतपूर्व’ स्थिति बताया है. हमलावरों में एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक था. ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने संदिग्ध हमलावर को ‘चरमपंथी दक्षिणपंथी हिंसक आतंकवादी’ बताया है.

कमिशनर बुश ने मीडिया को बताया कि इस ऑस्ट्रेलियाई ने कथित तौर पर अल नूर मस्जिद में गोलीबारी का 17 मिनट का वीडियो बनाया और एक मेनिफेस्टो में अपने इरादे को लिखकर उसे वायरल किया. इसे ‘एक आतंकवादी हमला’ बताया. ‘बीबीसी’ ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा कि अल नूर मस्जिद के बाहर लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे थे और कुछ ज़मीन पर खून से लथपथ पड़े थे. बंदूकधारी ने मस्जिद में पुरुषों के प्रार्थना कक्ष को निशाना बनाया और फिर वो महिलाओं के कमरे में चला गया.
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प्रधानमंत्री अर्डर्न ने कहा, ‘यह साफ है कि इसे केवल आतंकवादी हमले के रूप में वर्णित किया जा सकता है. हमें जो पता है, उससे लगता है कि ये सुनियोजित था. संदिग्धों की गाड़ियों से दो आईईडी मिले हैं और उन्हें निष्क्रिय कर दिया गया है.’ अर्डर्न ने कहा, ‘ये वे लोग हैं, जिन्हें मैं चरमपंथी विचार वालों के रूप में देखती हूं, जिनकी न्यूजीलैंड में कोई जगह नहीं है और वास्तव में दुनिया में कोई जगह नहीं है.’ पुलिस ने कहा कि हमले में शामिल वाहनों में कई इंप्रोवाइज्ड विस्फोटक उपकरण लगे हुए थे.

बुश ने कहा, ‘इससे पता चलता है कि स्थिति गंभीर है.’ वहीं, न्यूजीलैंड का दौरा कर रही बांग्लादेश क्रिकेट टीम इस हमले में घटनास्थल से सुरक्षित निकलने में कामयाब रही. टीम हैग्ले पार्क के पास स्थित एक मस्जिद में जुमे के नमाज के लिए गई थी. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के प्रवक्ता जलाल यूनुस ने कहा कि टीम के अधिकांश लोग बस से मस्जिद गए थे और जब यह हादसा हुआ तब वे अंदर जाने वाले थे. इसके बाद अधिकारियों ने तुरंत न्यूजीलैंड और बांग्लादेश के बीच जारी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के आखिरी मैच को रद्द कर दिया, जिसे क्राइस्टचर्च में खेला जाना था.



सरकार ने लोगों से अगले आदेश तक मस्जिदों में न जाने की सलाह दी है. यहां के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं. एक व्यक्ति रॉबर्ट वेदरहेड ने ‘न्यूज़टाक’ को बताया कि उन्होंने अल नूर मस्जिद से भागने वालों को शरण दी. उन्होंने बताया कि बंदूकधारी 30 से 40 साल की उम्र के आसपास का श्वेत व्यक्ति था, जो वर्दी में था, लेकिन उन्हें नहीं पता कि वह किसकी वर्दी थी.

इनपुट- आईएएनएस


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