कांग्रेस ने नहीं किया गठबंधन, नहीं दिया भाव, अब केजरीवाल ने कांग्रेस को जमकर कोसा, बता दिया बीजेपी का यार

अरविन्द केजरीवाल को दिल्ली की जनता ने लगभग 55% वोट दिया था और 70 में से 67 सीटों पर केजरीवाल की पार्टी को जीत मिली थी

इस से साफ़ था की जनता को केजरीवाल से काफी उम्मीद थी, और अगर केजरीवाल ने सत्ता मिलने के बाद जनता का काम ठीक से किया होता तो केजरीवाल को किसी से गठबंधन की जरुरत ही नहीं पड़ती और यहाँ तक की दिल्ली के बाहर केजरीवाल की पार्टी की जमानतें जप्त नहीं होती




पर केजरीवाल ने सत्ता मिलने के बाद अपना असल रूप दिखाया, सिर्फ लूट, भ्रष्टाचार, मोदी विरोध, पाकिस्तान समर्थन और इसी कारण केजरीवाल का राजनितिक ग्राफ इतना गिर गया की अब तो खुद केजरीवाल अपनी विधानसभा सीट जीतेगा या नहीं इसपर भी वो आश्वस्त नहीं है

पिछले कई दिनों से केजरीवाल कांग्रेस नेताओं के चक्कर लगा रहा था, केजरीवाल चाहता था की वो किसी भी प्रकार कांग्रेस से गठबंधन कर ले तो दिल्ली में लोकसभा की 7 सीटों में से कुछ पर कुछ उम्मीद तो बने
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केजरीवाल अच्छे से जानता है की लोकसभा चुनाव में दिल्ली की 7 सीटों पर अगर वो अकेले लड़ा तो उसकी पार्टी की दिल्ली में भी जमानत जप्त होने की सम्भावना है

इसी कारण केजरीवाल कांग्रेस से हाथ मिलाना चाहता था पर 5 मार्च को कांग्रेस की दिल्ली अध्यक्ष शीला दीक्षित ने साफ़ कर दिया की वो केजरीवाल से कोई गठबंधन नहीं करेंगे

शीला दीक्षित और कांग्रेस के लोग भी समझते है की केजरीवाल का कोई भाव नहीं है और इस से गठबंधन करने पर लोग कांग्रेस से और ज्यादा भड़क सकते है



केजरीवाल ने कांग्रेस के हाथ पैर भी जोड़े पर कांग्रेस ने कोई भाव नहीं दिया और अब केजरीवाल कांग्रेस को भी कोसने का काम शुरू कर चूका है



भड़कते हुए केजरीवाल ने कहा की – अभी पूरा देश न मोदी-शाह को हराना चाहता है, पर कांग्रेस न बीजेपी के साथ मिल गयी है, अभी हम कांग्रेस और बीजेपी दोनों को हराएंगे और जनता ही इनको हराएगी
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केजरीवाल को रोटी नहीं मिली तो केजरीवाल ने कांग्रेस को भी बीजेपी के साथ साथ कोसना शुरू कर दिया, केजरीवाल की स्तिथि बिलकुल उस बत्तमीज़ भिखारी की तरह है जिसे भीख मिल जाये तो वो आपको दुवा देता है और अगर आप उसे भीख न दो तो वही आपको अपशब्द भी बोलने लग जाता है

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