मोदी राज में कमाऊ बन गयी हमारी ISRO, 28 इंटरनेशनल सेटेलाइट छोड़ेगा ISRO, भारत कमाएगा मोटा माल

भारत की स्पेस एजेंसी ISRO अब कमाऊ बन चुकी है, इस से पहले भी भारत की स्पेस एजेंसी ने मोदी राज में 104 सेटेलाइट एक साथ छोड़े थे, जिसमे से अधिकतर विदेशी थे

दुनिया भर के देश अपने काम के लिए अंतरिक्ष में सेटेलाइट भेजना चाहते है, पर सब देशों के पास उतनी तकनीक और क्षमता नहीं होती की वो अंतरिक्ष में सेटेलाइट को भेज सके




दुनिया में कई देश है जैसे अमेरिका, चीन, रूस इत्यादि जो की दुसरे देशों के सेटेलाइट को अंतरिक्ष में छोड़ते है, और इसके बदले मोटा माल भी कमाते है

भारत की ISRO भी अब ऐसे स्पेस एजेंसी में शामिल हो गयी है जो दुसरे देशों के सेटेलाइट को छोड़ने लगी है, और भारत कम पैसे में ये काम करता है इसलिए भारत के सामने आर्डर आते ही जा रहे है
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104 सेटेलाइट के बाद अब ISRO कुल 28 विदेशी सेटेलाइट को श्रीहरीकोटा केंद्र से छोड़ने वाला है


1 अप्रैल को ISRO 28 विदेशी सेटेलाइट को छोड़ेगा, जिसमे से कई सेटेलाइट प्राइवेट कंपनियों के भी है जो की अमेरिका, स्पेन इत्यादि की है




भारत इस काम के लिए मोटा माल भी कमाएगा, ये बिज़नस बहुत ही बड़ा और अच्छा है, क्यूंकि दुनिया में कम ही स्पेस एजेंसी है जो की इस काम को करने की क्षमता रखती है, और भारत कम पैसे में ये काम कर रहा है इसलिए आर्डर भी आते जा रहे है, मोदी राज में हमारा ISRO कमाऊ हो चूका है

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