शिवरात्रि व्रत, शिवरात्रि में पूजा करने के तरीके, शिवरात्रि पूजन सामग्री और मन्त्र

आपने सुना और पढ़ा होगा देवों के देव महादेव, सभी देवी देवताओं में सबसे लोकप्रिय देवता भगवान शिव को माना जाता है। भगवान शंकर को कल्याणकारी माना जाता है। यहाँ तक की अगर आप कोई काम नहीं समझ आ रहा है और आप किसी संकट में फंस गए हैं तो आप भगवन शंकर का मूल जाप “ॐ नमः शिवाय” का उच्चारण करें आपके कष्ट दूर हो जायेंगे, माना जाता है कि भगवान शंकर अपने भक्तों पर आने वाले कष्टों का हरण कर लेतें। जब-जब देवताओं, ऋषि-मुनियों या फिर ब्रह्मांड में कहीं भी जीवन पर संकट आया है तमाम कष्टों के विष को भगवान शिव ने धारण किया है। भगवान शिव की आराधना बहुत ही सरल एवं बहुत ही फलदायी मानी गयी है। सोमवार को भगवान शिव की पूजा का दिन माना जाता है। यहां आपको बता रहे हैं भगवान शिव के कुछ लोकप्रिय मंत्र जिनसे आप भगवान शिव की आराधना कर उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं और उनकी कृपा पा सकते हैं।

शिवरात्रि व्रत का महत्व

शिवरात्रि के पर्व पर जागरण का विशेष महत्व है. पौराणिक कथा है कि एक बार पार्वतीजी ने भगवान शिवशंकर से पूछा, ‘ऐसा कौन-सा श्रेष्ठ तथा सरल व्रत-पूजन है, जिससे मृत्युलोक के प्राणी आपकी कृपा सहज ही प्राप्त कर लेते हैं?’ उत्तर में शिवजी ने पार्वती को ‘शिवरात्रि‘ के व्रत का उपाय बताया. चतुर्दशी तिथि के स्वामी शिव हैं.




भगवान् शंकर का अगर आप रोज पूजा या प्रत्येक सोमवार को पूजा नहीं कर पाते हैं तो आपके लिए शिवरात्रि ऐसा पर्व है जिसका व्रत कर के आप भगवान् भोले का दया का पात्र और भगवान भोले का आशीर्वाद ले सकते हैं। आप शिवरात्रि का व्रत बहूत ही अच्छे मन से करें और नियम से पूजा पाठ करें। निचे हम पूजा सामग्री और मन्त्र बताने जा रहे है इससे आप विधिवत पूजा कर सकते हैं।

शिव्त्रत्री के दिन मंदिर में जाकर भोले बाबा का पूजा जरुर करें, शिवलिंग पर दूध और गंगा जल जरुर चढ़ाएं। इसके अलावा आप पूजा में निम्नलिखित सामग्री का इस्तेमाल करें।
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शिवरात्रि पूजा सामग्रीः-सुगंधित पुष्प, बिल्वपत्र, धतूरा, भाँग, बेर, आम्र मंजरी, जौ की बालें,तुलसी दल, मंदार पुष्प, गाय का कच्चा दूध, ईख का रस, दही, शुद्ध देशी घी, शहद, गंगा जल, पवित्र जल, कपूर, धूप, दीप, रूई, मलयागिरी, चंदन, पंच फल पंच मेवा, पंच रस, इत्र, गंध रोली, मौली जनेऊ, पंच मिष्ठान्न, शिव व माँ पार्वती की श्रृंगार की सामग्री, वस्त्राभूषण रत्न, सोना, चाँदी, दक्षिणा, पूजा के बर्तन, कुशासन आदि।

पूजन सामग्री आप अपनी बजट और श्रधा के अनुसार भी ले सकते हैं। अगर मन सच्चा हो तो भोले जल से भी खुश हो सकते हैं।




मन्त्र और जाप

आप भगवान् शंकर को कई मन्त्रों से खुश कर सकते हैं,

ॐ नमः शिवाय भगवान शिवजी को प्रसन्न करने का मूल मंत्र है इसके साथ महा मृतुंजय मंत्र एवं गायत्री मंत्र की जाप करने से सभी सांसारिक बंघनों से मुक्त हो जाता है।

महामृत्युंजय मंत्र का भी जाप जरुर करें.

॥ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्॥
॥उर्वारुकमिव बन्धनानत् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
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शिवरात्रि का उपवास आप अपने तरीके से करें, क्यों की उपवास के मायने आजकल बदल गए हैं, उत्तरी भारत में उपवास का तरिका अलग है तो मध्य भारत में अलग तरिका, इसलिए आप अपने क्षेत्र के अनुसार व्रत करें।


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