12 साल की बच्ची को ISIS आतंकी ने मार दिया था, उसी का बदला लेने के लिए न्यूजीलैंड की मस्जिद में शूटर ने मचाई तबाही

ये एक सिद्धांत है की किसी भी चीज के पीछे कुछ न कुछ कारण होता है, हर तरह की गतिविधि के पीछे कुछ न कुछ मोटिव होता है

न्यूजीलैंड में क्राइस्टचर्च के मस्जिद में एक शूटर ने तबाही मचा दी, 49 लोगो को उसने मार डाला, पर कोई ये बताने को तैयार नहीं है की आखिर उसने ऐसा क्यों किया




किस चीज ने इस शूटर को मजबूर किया की वो तबाही पर उतर आया, कुछ तो कारण रहा होगा, कुछ तो मोटिव रहा होगा, उसे किसी चीज ने ऐसा करने के लिए उकसाया तो होगा

जिस शख्स ने मस्जिद में तबाही मचाई उसका नाम है ब्रेंटन टैरंट जो की एक ऑस्ट्रेलियाई था,  इसे ऐसा करने के लिए मजबूर आतंकवादियों ने ही किया था

एक 12 साल की बच्ची थी जिसका नाम था एब्बा एकरलैंड, साल 2017 में उसकी आतंकियों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी, वो अपने घर वापस लौट रही थी तभी उसकी हत्या की गयी थी
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जिस शख्स ने ये हमला किया उसने उस से पहले फेसबुक पर लाइव किया था, जिसमे उसने बताया था की वो ऐसा क्यों कर रहा है, उसने खुद को स्कॉटिश, अंग्रेज और आयरिश मूल का बताया था, उसने लिखा था की – एब्बा एकरलैंड का बदला लेने के लिए हमला कर रहा हूँ


अप्रैल 2017 में स्टॉकहोम नाम के शहर पर इस्लामिक आतंकियों ने हमला किया था, इस हमले में 5 लोगो को आतंकियों ने मार दिया था, इसी में से एक थी 12 साल की बच्ची एब्बा एकरलैंड, जिसकी तस्वीर आप ऊपर देख सकते है




जिस आतंकी ने हमला किया था उसका नाम रख्मत था, वो उज्बेकिस्तान नाम के इस्लामिक मुल्क से था, और उसने ये हमला ये ISIS का समर्थक बताकर किया था

उसने ISIS का समर्थन भी किया था, वो स्वीडन में रहने के लिए आया था, पर उसने आतंकी हमला कर दिया था, उसे उम्रकैद हुई अभी वो जेल के अन्दर है


इसी आतंकी द्वारा किये गए हमले में 12 साल की एब्बा की जान चली गयी थी, तब उसके अंग भी अलग अलग हो गए थे
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ब्रेंटन टैरंट नाम के जिस शख्स ने न्यू जीलैंड के मस्जिद में तबाही मचाई उसने कहा की – घुस्बैठियों के हाथों एक बच्ची एब्बा की मौत हुई उसने मुझे हिला कर रख दिया, और मैं उसकी हत्या को आजतक नजरंदाज नहीं कर सका हूँ”

एब्बा एकरलैंड का बदला लेने के मकसद से ब्रेंटन टैरंट ने न्यू जीलैंड की मस्जिद पर हमला किया, इस हमले का मूल कारण अप्रैल 2017 में ISIS समर्थक द्वारा किया गया स्वीडन पर हमला था, जिसमे 12 साल की बच्ची की जान गयी थी

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