थूक कर चाटना क्या होता है ये आज अरविन्द केजरीवाल ने साबित कर दिया

आपने बचपन से एक कहावत सुनी होगी, थूक कर चाटना, और ये असल में होता क्या है, ये आप अरविन्द केजरीवाल को देख कर समझ सकते है
अरविन्द केजरीवाल की राजनीती की शुरुवात सीधा कांग्रेस के खिलाफ, शीला दीक्षित के खिलाफ, राहुल गाँधी, सोनिया गाँधी के खिलाफ हुई थी




लोगो ने केजरीवाल पर काफी भरोसा किया और दिल्ली की विधानसभा में केजरीवाल को 55% लोगो ने वोट दिया, और इसी कारण केजरीवाल की पार्टी ने 70 में से 67 सीटों पे जीत हांसिल की

केजरीवाल ने अगर दिल्ली में अच्छे काम किये होते, तो केजरीवाल को दिल्ली में किसी भी पार्टी की जरुरत नहीं होती, पर केजरीवाल ने सिर्फ मिशनरी एजेंडे वाले कार्य किये, और जमकर लूट की

जनत अभी समझ गयी की केजरीवाल किस प्रकार के शख्स है और इसी कारण केजरीवाल का दिल्ली में ये हाल है की विधानसभा में खुद केजरीवाल 1 सीट जीत सकेंगे या नहीं ये भी उनको अब डर लगने लगा है
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पिछली बार केजरीवाल को लोकसभा में दिल्ली में 00 सीट मिली थी, और इस बार भी 00 ही सीट मिलेगी, ये वो अच्छे से जानते है, पिछली बार तो दिल्ली में उनके उम्मीदवारों की जमानत जप्त नहीं हुई थी, पर इस बार दिल्ली में आम आदमी पार्टी जमानत जप्त पार्टी होने जा रही है

और केजरीवाल इसी के चलते अब इतना बेचैन है की रोज ही कांग्रेस के पैरों में गिर रहे है, आज केजरीवाल ने फिर थूक कर चाट लिया है


केजरीवाल जानते है वो 00 पर आने वाले है, और ये भी जानते है की बीजेपी फिर सभी सीट जीतने वाली है, इसी कारण आज ये फिर कांग्रेस के पैरों में खुल कर लोट गए




केजरीवाल ने कहा की दिल्ली में बीजेपी के खिलाफ हर सीट पर 1 ही संयुक्त उम्मीदवार होना चाहिए, वरना बीजेपी सभी सीट जीत जाएगी, केजरीवाल खुद ही बता रहे है की वो अकेले बीजेपी से लड़ने की औकात नहीं रखते, इसलिए कांग्रेस उनसे गठबंधन कर ले

आज कांग्रेस के सामने गिडगिडाने वाले केजरीवाल वही नेता है जिन्होंने कहा था की कांग्रेस इस देश को बेचकर खा जाएगी, थूक कर चाटना क्या होता है ये अरविन्द केजरीवाल ने आज साबित कर दिया है

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