फौजी मर रहे है तो क्या करू रोंऊ, लोग तो भुखमरी से भी मरते है : मल्लिका दुआ, विनोद दुआ की बेटी

पुलवामा में भारत के 44 जवान बलिदानी हो गए, कोई भी शख्स जिसके पास थोडा भी दिमाग है वो समझ सकता है की ऐसे हालात में आपको हँसना नहीं चाहिए


भले ही आपको दुःख हो न हो पर आप हंसकर अमानवीय काम करेंगे, विनोद दुआ नाम के पत्रकार की बेटी का अब अमानवीय चेहरा सामने आया है




और उसके अपना अमानवीय चेहरा खुद ही सबके सामने अपने ही इन्स्ताग्राम के जरिये रखा है, मल्लिका दुआ इस बात से नाराज है की लोग उस से सवाल कर रहे है की वो सैनिको के बलिदान के बाद भी हंस क्यों रही है

इसी बात से नाराज होकर मल्लिका दुआ ने एक विडियो भी बनाया और लोगो को कहा की – फौजी मर रहे है तो क्या रोने लगु, लोग तो भुखमरी, डिप्रेशन से भी मरते है तो क्या सबके लिए रोना शुरू कर दी
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इसमें क्या बड़ी बात हो गयी अगर फौजी मर रहे है तो, देखिये विडियो



इसका कहना है की – लोग मुझे कह रहे है की मैं पुलवामा के बाद भी हंस कैसे रही हूँ, लोग दुखी है पर मैं खुश कैसे हूँ, अरे फौजी मर रहे है तो क्या करू, रोने लगु क्या, लोग तो डिप्रेशन, भुखमरी से भी मरते है

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इसका कहना है की अगर भारत के फौजी मर रहे है तो मरने दो दुःख क्या मानना है, रोज कोई न कोई मरता ही है

मल्लिका दुवा उसी विनोद दुवा की बेटी है जो की एक कथित पत्रकार है, वैसे ये शख्स भी शुरुवात से ही एक कट्टरपंथी वामपंथी रहा है, और सेना, हिन्दू विरोध का एजेंडा दशको से चलाता आया है, और अब उसकी बेटी अपना अमानवीय चेहरा दिखा रही है

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